
देहरादून 15 अप्रैल।पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त आधार हैं। खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं, जो युवाओं को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने राज्यों के साथ देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि टेबल टेनिस ऐसा खेल है जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खेल खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी स्थापित हो रहा है, जहां खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान बनाया।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राज्य स्तरीय खेल परिषद के अध्यक्ष कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरुंग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









