प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उत्तराखंड को ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि

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देहरादून, 19 जून। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उत्तराखंड के लगभग 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लाभार्थी कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं को सम्मानित किया।

देशभर में एक साथ आयोजित कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए योजना के तहत 15 लाख से अधिक युवाओं एवं श्रमिकों को लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ना और उद्योगों को प्रोत्साहित करना विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में युवा शक्ति सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15 हजार तक की सहायता राशि दी जा रही है, जबकि रोजगार उपलब्ध कराने वाले संस्थानों को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर चार वर्षों तक ₹3 हजार प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी इस योजना का व्यापक लाभ मिल रहा है और राज्य के हजारों कर्मचारियों एवं सैकड़ों नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति देने में सहायक सिद्ध होगी।
धामी ने कहा कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है तथा पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और पिछले एक वर्ष में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, कौशल और नवाचार क्षमता का उपयोग करते हुए केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करने का संकल्प लें और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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