
देहरादून। भाजपा महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताते हुए इसका जोरदार समर्थन किया। पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस अधिनियम का समर्थन करने की अपील की।
दीप्ति रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक कदम देश की महिलाओं के विश्वास और आकांक्षाओं को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि 1952 में मात्र 5 प्रतिशत महिला सांसदों से शुरू हुआ सफर सात दशकों बाद भी 14-15 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया था, लेकिन इस कानून के लागू होने के बाद यह आंकड़ा 33 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को समान अधिकार, सम्मान और अवसर देने का सशक्त संकल्प है। इसके माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे वे नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगी।
महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कहा कि यह अधिनियम लोकतंत्र को अधिक समावेशी और मजबूत बनाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “उज्ज्वला योजना” और “प्रधानमंत्री आवास योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त किया है, और यह अधिनियम उन प्रयासों को और मजबूती देगा।
इस दौरान विधायक सविता कपूर ने कहा कि यह विधेयक आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।
पत्रकार वार्ता में उपस्थित महिला नेताओं ने एक स्वर में कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” भारतीय लोकतंत्र को अधिक प्रतिनिधिक, संतुलित और न्यायपूर्ण बनाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम बताया।
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री डॉ. हिमानी डिमरी, मीडिया संयोजक डॉ. दिव्या नेगी, प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल और बबली चौहान सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।








