
देहरादून 14 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में “डबल इंजन सरकार” की अवधारणा ने बीते चार वर्षों में विकास को नई गति दी है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से वर्तमान में प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना से तीर्थयात्रा सुगम हो रही है, वहीं दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से आवागमन को नया आयाम मिला है।
इसके अलावा सितारगंज-टनकपुर, पांवटा साहिब-देहरादून, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-हल्द्वानी बाईपास और रुद्रपुर बाईपास जैसे प्रोजेक्ट विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं।रेल क्षेत्र में ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर है, जबकि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को भी केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जॉलीग्रांट एयरपोर्ट, पंतनगर एयरपोर्ट और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया गया है।
उड़ान योजना के तहत 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गौचर, श्रीनगर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़ समेत कई शहरों को हवाई सेवा से जोड़ा गया है।
पर्वतमाला परियोजना के तहत राज्य में रोपवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। रानीबाग-नैनीताल, हरकी पौड़ी-चंडी देवी, ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव और औली-गौरसों जैसे रूट पर काम जारी है।
साथ ही गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं भी जल्द शुरू होने वाली हैं।धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास तेजी से हो रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है।
राज्य में जमरानी, सौंग और लखवाड़ बांध परियोजनाओं पर काम जारी है, जिससे पेयजल और सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी।
एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जबकि किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।शिक्षा के क्षेत्र में 226 विद्यालयों को पीएम श्री स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है, वहीं सीमांत क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।









