
देहरादून 28 अक्टूबर ।फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला कराने के मामले में एसआईटी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना रायपुर और क्लेमेनटाउन में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान हुई इन गिरफ्तारियों के साथ ही मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को रायपुर और क्लेमेनटाउन थाने में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। दस्तावेजों की जांच में प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेख फर्जी पाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।
जांच के दौरान एसआईटी ने संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और शिक्षण संस्थानों से प्राप्त अभिलेखों की जांच की। इनमें अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए पते गलत पाए गए। शिक्षण संस्थानों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अभ्यर्थियों के वास्तविक पते और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य सामने आए। इसके बाद एसआईटी ने प्रवीण कुमार, जगपाल सिंह और रामपाल सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और साक्ष्यों के आधार पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने कथित तौर पर बताया कि पूर्व में गिरफ्तार रूपेश पंडित पिछले करीब पांच वर्षों से शिक्षा कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। वह मेरठ में ‘मिकोडो (MECODO) पाठशाला’ नाम से कंपनी संचालित करता था और निजी विश्वविद्यालयों तथा विदेशों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में कमीशन पर दाखिला दिलाने का काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने अपनी पुत्रियों के एमबीबीएस में दाखिले के लिए रूपेश पंडित से संपर्क किया और कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, स्थायी निवास, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज तैयार करवाए। इन दस्तावेजों के आधार पर प्रवीण कुमार की पुत्री खुशी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि स्वाति को नीट काउंसलिंग में शामिल कराया गया। पुलिस के अनुसार, दस्तावेज तैयार कराने के एवज में प्रवीण ने 25 लाख और जगपाल ने 30 लाख रुपये दिए थे।
वहीं, गिरफ्तार रामपाल सिंह ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी पुत्री तृप्ति के एमबीबीएस में दाखिले के लिए फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर तृप्ति का जीएमसी मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में दाखिला कराया गया।
एसआईटी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण कुमार (48) निवासी बड़कता, थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर; जगपाल सिंह (50) निवासी केशव नगर, लक्सर, हरिद्वार तथा रामपाल सिंह (52) निवासी मोहल्ला चौहाना, कीरतपुर, बिजनौर शामिल हैं।








