
गैरसैंण 28 अक्टूबर ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में चमोली जिले की 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 197.87 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का शिलान्यास और 34.04 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। योजनाओं में पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, भू-धंसाव से सुरक्षा तथा पुलिस एवं अग्निशमन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने 122.69 करोड़ रुपये की लागत से रामगंगा नदी पर बांध निर्माण योजना का शिलान्यास किया। इससे गैरसैंण शहर और आसपास की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा कर्णप्रयाग विकासखंड के बहुगुणानगर में 50.18 करोड़ रुपये की लागत से भू-धंसाव से सुरक्षा कार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक गैरसैंण के भवन निर्माण के लिए 12.16 करोड़ रुपये, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बछुवाबाण में भवन अनुरक्षण के लिए 22.75 लाख रुपये तथा विभिन्न मोटर मार्गों से जुड़े कार्यों का शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने 34.04 करोड़ रुपये की छह पूर्ण योजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें खजुरखाल-भण्डारीखोड़-कुनीगाड़ मोटर मार्ग के उच्चीकरण के लिए 14.82 करोड़ रुपये का कार्य, राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम भवन तथा सारकोट-भराड़ीसैंण मोटर मार्ग के सुधार एवं डामरीकरण का 4.03 करोड़ रुपये का कार्य शामिल है।
इसके साथ ही कारगिल शहीद रणजीत सिंह मोटर मार्ग के सुधार, डामरीकरण एवं नवीनीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया। गैरसैंण में पुलिस एवं अग्निशमन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 4.37 करोड़ रुपये की लागत से फायर यूनिट भवन और 4.24 करोड़ रुपये की लागत से थाना गैरसैंण भवन का भी लोकार्पण हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। पेयजल और भू-धंसाव से सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं स्थानीय लोगों की जरूरतों और सुरक्षा से सीधे जुड़ी हैं, जबकि सड़क परियोजनाओं से आवागमन बेहतर होगा। शिक्षण संस्थानों, पुलिस थाने और अग्निशमन भवन जैसी अवस्थापना सुविधाओं से क्षेत्र में शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, भरत चौधरी, स्थानीय विधायक अनिल नौटियाल, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।








