
डीएम-एसएसपी के साथ चार घंटे से अधिक चली बैठक में विकास, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं और कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा
देहरादून 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ चार घंटे से अधिक समय तक मैराथन बैठक कर विकास कार्यों, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था, त्योहारों की तैयारियों, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्यों, जिला योजना और हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्त, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारी कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लें।
मुख्यमंत्री ने सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को लंबित मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने और निर्धारित समयसीमा में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। कहीं सड़क टूटी मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने सीवर और पेयजल पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों के अधूरे कार्यों को एक नवंबर तक पूरा कर तत्काल सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता और व्यापारियों को परेशानी न हो।
राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पटवारी और तहसील स्तर पर प्रकरणों का नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आम लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लंबित मामलों की जिलाधिकारी नियमित समीक्षा करें और अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी तय करें।
आगामी नवरात्र और दीपावली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। पार्किंग, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और आपात सेवाओं की व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए भी अग्रिम यातायात योजना तैयार करने को कहा गया। अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने तथा हटाए गए अतिक्रमण पर दोबारा कब्जा न हो, इसकी निगरानी के निर्देश दिए ग
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा ।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि थाने और चौकी स्तर पर शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए। संज्ञेय अपराधों में नियमानुसार तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
कुंभ-2027 की तैयारियों में देरी पर होगी जवाबदेही
हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवर, स्वास्थ्य, पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र में पूर्ण हो चुके कार्यों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करने और सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए बने ठोस कार्ययोजना
भालू और तेंदुए के हमलों की घटनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जनजागरूकता बढ़ाने के साथ ही वन्यजीव हमलों से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिला योजना और विकास कार्यों की नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री ने जिला योजना के तहत स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध पूरा कराने और स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल धनराशि खर्च करना लक्ष्य नहीं है, बल्कि योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी या अनावश्यक देरी मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
SIR में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने पर जोर
विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने और अपात्र प्रविष्टियों के नियमानुसार निस्तारण में पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
प्रभारी सचिव हर 15 दिन में करेंगे जनपदों का भ्रमण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित जनपदों के प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में अपने आवंटित जनपद का भ्रमण करेंगे। इस दौरान विकासखंडवार विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था और शासन के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक विलंब या जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। काम में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।










