मातृ-शक्ति दिवस पर महिलाओं का सम्मान

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देहरादून 13 अक्टूबर ।श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 की ओर से श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव-2026’ का दूसरा दिन ‘मातृ-शक्ति दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। पद्मश्री लोकगायिका बसंती बिष्ट और विधायक सविता कपूर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं।

द्वितीय दिवस पर भगवान श्रीराम की लीला में ताड़िका और सुबाहु वध का भव्य मंचन किया गया। ताड़िका का आग उगलते ड्रोन के साथ प्रवेश, आधुनिक लेजर तकनीक, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और विशेष ध्वनि प्रभावों ने प्रस्तुति को बेहद प्रभावशाली बना दिया। पारंपरिक रामलीला और आधुनिक तकनीक के इस अनूठे संगम ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 1952 से पुरानी टिहरी में चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला को टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित कर सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा रहा है। रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के इतिहास, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष दूसरे दिन को मातृ-शक्ति को समर्पित किया गया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की रामलीला को विभिन्न माध्यमों से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा था। इस वर्ष डिजिटल सीधा प्रसारण के माध्यम से एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक विरासत, गढ़वाल के गौरवशाली इतिहास और सनातन परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सके।

पद्मश्री बसंती बिष्ट ने कहा कि लोक संस्कृति और समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने में मातृ-शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। वहीं विधायक सविता कपूर ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, भाषा और परंपराओं को जीवित रखने में महिलाओं का योगदान अतुलनीय है।

मातृ-शक्ति दिवस पर पद्मश्री बसंती बिष्ट, विधायक सविता कपूर, राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता उन्नति शर्मा, अभिनेत्री इन्द्राणी पांधी, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी, डॉ. सुमिता प्रभाकर, पार्षद अंजली सिंघल, पत्रकार मीना नेगी, डॉ. अंशिका जैन, अमृता कौशल, सुमित्रा ध्यानी और डॉ. सुमिति काला सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
महोत्सव के तहत 8 से 25 अक्टूबर तक मेले और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन तथा 21 अक्टूबर को श्रीराम के राजतिलक का आयोजन किया जाएगा।

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