
देहरादून 8 सितंबर ।चेन्नई में मंगलवार को आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ’ में उत्तराखंड की फिल्म नीति और राज्य की खूबसूरत शूटिंग लोकेशंस को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के फिल्म निर्माता, प्रोड्यूसर और फिल्म आयोगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई प्रोडक्शन हाउसों ने उत्तराखंड में फिल्मांकन को लेकर रुचि दिखाई।
कार्यक्रम में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी के.एस. चौहान ने राज्य की फिल्म नीति और फिल्मांकन की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी फिल्म नीति लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में फिल्माई जाने वाली हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को तीन करोड़ रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है। वेब सीरीज और विदेशी फिल्मों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है।
फिल्मांकन को आसान बनाने के लिए प्रदेश में ऑनलाइन और सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से सात दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति देने की व्यवस्था की गई है। राज्य में शूटिंग शुल्क भी माफ किया गया है। इसके अलावा फिल्म शूटिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और जीएमवीएन व केएमवीएन के गेस्ट हाउसों में विशेष छूट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
चौहान ने बताया कि उत्तराखंड में हर वर्ष 200 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और धारावाहिकों की शूटिंग हो रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के कारण उत्तराखंड फिल्म निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान है।
कॉन्क्लेव के दौरान उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद की ओर से तमिल फिल्म इंडस्ट्री के प्रोड्यूसरों और डायरेक्टरों के साथ आमने-सामने बैठकें भी की गईं। इंडिया टॉकीज, स्टोन बीच स्टूडियो, गिरीश प्रधान, बीटीजीआई प्रोडक्शंस (यूएस), पारसा पिक्चर, लाइका प्रोडक्शंस, मसाला पिक्स, कवि क्रिएशन्स और ड्रीम वारियर पिक्चर सहित कई प्रोडक्शन हाउसों ने उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग के प्रति रुचि दिखाई।
कॉन्क्लेव में प्रसार भारती वेव्स ओटीटी, उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद और महाराष्ट्र फिल्म, स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन सहित विभिन्न संस्थाओं ने प्रतिभाग किया। वहीं ट्यूनीशिया, इटली, थाईलैंड, रोमानिया, हंगरी, सर्बिया और अजरबैजान समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के अनुसार, इस तरह के आयोजनों में भागीदारी से प्रदेश में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन और एक मजबूत फिल्म शूटिंग हब के रूप में स्थापित करना है।








