
देहरादून 9 सितंबर। पर्यावरण मित्र संघ ने अपनी सात सूत्रीय लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पर्यावरण मित्र कार्य बहिष्कार, भूख हड़ताल और नगर निगम कर्मचारियों के साथ पूर्ण हड़ताल के लिए बाध्य होंगे।
संघ की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि बोर्ड प्रस्ताव दिनांक 29 अप्रैल 2026 में पर्यावरण मित्रों का मानदेय 800 रुपये प्रतिदिन स्वीकृत किया गया था। संघ ने अस्थायी पर्यावरण मित्रों को जुलाई 2026 का वेतन इसी दर से भुगतान करने के निर्देश देने की मांग की है।
संघ ने बोर्ड में पारित 715 अस्थायी पर्यावरण मित्रों की भर्ती के प्रस्ताव के अनुसार नगर निगम देहरादून में जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, सभी अस्थायी पर्यावरण मित्रों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने और उनके विनियमितीकरण की कार्रवाई शीघ्र पूरी करने की मांग की है।
इसके अलावा विनियमितीकरण की कटऑफ तिथि 2018 से बढ़ाकर 2024 करने, वर्ष 2015 के ढांचे में संशोधन कर मृत संवर्ग के स्थायी पर्यावरण मित्रों के मृत पदों को बहाल करने तथा प्रदेश के निकायों के लिए स्थायी पर्यावरण मित्रों के 10 हजार पद स्वीकृत करने की मांग भी उठाई गई है।
संघ ने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई कर कार्यवाही से अवगत कराने का अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर होने वाले आंदोलन की जिम्मेदारी उत्तराखंड सरकार और नगर निगम प्रशासन की होगी।









