
8 हजार की क्रिकेट किट 32 हजार में खरीदी गई, राज्य स्वराज पार्टी ने खोला मोर्चा
नीरज पाल संवाददाता ।
देहरादून राज्य स्वराज पार्टी ने कपकोट विधायक निधि से क्रिकेट किट खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि करीब आठ हजार रुपये की बाजार कीमत वाली क्रिकेट किट 32 हजार रुपये प्रति किट की दर से खरीदी गई। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को महानगर कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेता बॉबी पंवार, महानगर अध्यक्ष सुमित अग्रवाल, देवेंद्र बिष्ट और ललित श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि मार्च 2026 में 208 क्रिकेट किटों की खरीद उत्तराखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन के माध्यम से विधायक निधि से की गई। पार्टी के अनुसार, इन किटों की वास्तविक बाजार कीमत करीब 8,075 रुपये प्रति किट थी, जबकि सरकारी धन से प्रत्येक किट के लिए 32 हजार रुपये का भुगतान किया गया। इस तरह खरीद में लगभग चार गुना अधिक कीमत चुकाने का आरोप लगाया गया है।
पार्टी नेताओं ने किट वितरण को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि खरीदी गई 208 किटों में से अब तक केवल दर्जनभर गांवों में ही किट वितरित होने की जानकारी सामने आई है। शेष किट कहां हैं और उनका वितरण क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए।
बॉबी पंवार ने आरोप लगाया कि कपकोट क्षेत्र में खेल स्टेडियमों के निर्माण में भी अनियमितताएं की जा रही हैं। दस लाख रुपये के काम को करोड़ों रुपये का दर्शाकर भुगतान किए जाने और विधायक के करीबी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने पीएमजीएसवाई की सड़कों के टेंडर में 12 से 15 प्रतिशत तक कमीशन वसूले जाने की जानकारी होने का दावा करते हुए कहा कि इसके साक्ष्य जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे।
पार्टी ने क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। नेताओं के मुताबिक, अस्पतालों में करीब 70 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली हैं। कांडा और कपकोट में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि स्कूलों में मुख्य विषयों के शिक्षकों के अधिकांश पद रिक्त हैं। इसके विपरीत गांवों में नियमों को ताक पर रखकर अवैध बार संचालित किए जाने का आरोप भी लगाया गया।
राज्य स्वराज पार्टी ने इन आरोपों की तुलना चकराता विधायक निधि प्रकरण से करते हुए कहा कि वहां भी जांच में देरी हो रही है। पार्टी ने कपकोट और चकराता दोनों मामलों की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।





