
देहरादून 22 सितंबर। उत्तराखंड में नीट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के एमबीबीएस और बीडीएस प्रवेश में राज्य कोटे के तहत विभिन्न आरक्षण श्रेणियों के प्रमाणपत्रों में कथित फर्जीवाड़े को लेकर कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि मामले की जांच केवल प्रमाणपत्रों की जांच तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके संभावित अंतरराज्यीय और नीट परीक्षा से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत में धस्माना ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बहुगुणा की ओर से मामला उठाए जाने के बाद यह सामने आया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से जांच के आदेश दिए जाने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए व्यापक स्तर पर जांच आवश्यक है।
धस्माना ने कहा कि नीट उत्तीर्ण कुछ अभ्यर्थियों द्वारा राज्य कोटे में एससी, एसटी, ओबीसी और पूर्व सैनिक सहित विभिन्न श्रेणियों का आरक्षण लाभ लेने के लिए कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किए जाने की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं यह मामला किसी अंतरराज्यीय नेटवर्क या नीट परीक्षा से जुड़े किसी बड़े फर्जीवाड़े से तो संबंधित नहीं है। जरूरत पड़ने पर उन्होंने जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़े के माध्यम से प्रवेश हासिल किया गया है तो यह उत्तराखंड के उन मेधावी और प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला है, जो निर्धारित मानकों के आधार पर प्रवेश के हकदार हैं। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी भी मौजूद रहीं।









