
पांडवों-कौरवों के बचपन और शुरुआती जीवन पर केंद्रित होगा नया पौराणिक शो
मुंबई 22 सितंबर। सोनी पल अपने नए पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ के साथ दर्शकों के बीच महाभारत के प्रमुख किरदारों के शुरुआती जीवन की कहानी लेकर आ रहा है। पांडवों और कौरवों के बचपन, उनके रिश्तों, आपसी मतभेदों और जीवन को आकार देने वाली घटनाओं पर आधारित यह शो 29 सितंबर से शुरू होगा। इसका प्रसारण सोमवार से शनिवार रात आठ बजे सोनी पल पर किया जाएगा।
‘हस्तिनापुर के वीर’ में महाभारत की कथा को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जाएगा। कहानी हस्तिनापुर की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ेगी और इसमें पांडवों तथा कौरवों के शुरुआती वर्षों को केंद्र में रखा गया है। शो में भाईचारे, पारिवारिक अपेक्षाओं, परवरिश और जीवन में लिए गए फैसलों से जुड़े मानवीय पहलुओं को भी प्रमुखता दी गई है।
शो का निर्माण पेनिनसुला पिक्चर्स ने किया है। इसमें तोरल रासपुत्र कुंती, अथर खान युधिष्ठिर, सुभाष खत्री भीम, उर्वा सावालिया अर्जुन, हरित गबानी नकुल, मयंक यादव सहदेव, आयुध भानुशाली दुर्योधन और शौर्य उपाध्याय दुःशासन की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं जितेन लालवानी द्रोणाचार्य, चंदन आनंद शकुनि और मनीष वाधवा भीष्म पितामह का किरदार निभाएंगे।
शो को भव्य स्तर पर तैयार किया गया है। इसके सेट, परिधान और निर्माण कला के माध्यम से हस्तिनापुर के उस दौर की भव्यता को पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। कहानी में यह दिखाया जाएगा कि बचपन के अनुभव, पारिवारिक रिश्ते और परिस्थितियां किस तरह इन पात्रों के व्यक्तित्व को आकार देती हैं और आगे चलकर वे महाभारत के प्रमुख वीर बनते हैं।
अभिनेत्री तोरल रासपुत्र ने कहा कि कुंती का किरदार उनके लिए खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि शो में कुंती के त्याग, भय, संघर्ष और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर उनकी भावनाओं को मानवीय रूप में प्रस्तुत किया गया है। वहीं मनीष वाधवा ने कहा कि ‘हस्तिनापुर के वीर’ केवल पौराणिक कथा नहीं है, बल्कि इसमें ऐसे मूल्य और सीख भी हैं, जो आज के समय में प्रासंगिक हैं। उनके अनुसार कहानी माता-पिता और बच्चों के रिश्तों को भी एक नए नजरिए से देखने का अवसर देती है।
‘हस्तिनापुर के वीर’ में विरासत, साहस और नियति से जुड़ी कहानी को दर्शकों के सामने नए अंदाज में पेश किया जाएगा। शो का प्रसारण 29 सितंबर से सोमवार से शनिवार रात आठ बजे सोनी पल पर होगा।









