युवा विधि सम्मेलन में डीबीयू के विधि छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

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देहरादून 22 सितंबर ।युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से रितु गुजराल फाउंडेशन की ओर से देहरादून में आयोजित युवा विधि सम्मेलन में देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने विधिक ज्ञान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

सम्मेलन में पूर्व हाईकोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश टंडन मुख्य अतिथि रहे, जबकि उत्तराखंड बार काउंसिल के पदाधिकारी अधिवक्ता राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सम्मेलन में देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, जागरण स्कूल ऑफ लॉ, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज, डीबीएस ग्लोबल, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी और आईएमएस यूनिसन के विधि छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

सम्मेलन में साइबर कानून, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल साक्ष्य, मानवाधिकार और भारतीय साक्ष्य अधिनियम सहित न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। छात्रों ने इन विषयों पर अपने विचार साझा करने के साथ ही विधि के बदलते स्वरूप और न्यायपालिका में तकनीक की बढ़ती भूमिका को समझा।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मुकदमे की पैरवी से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रतिभागियों को एक कानूनी समस्या देकर उसमें मुद्दे तय करने तथा डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से संबंधित कानूनी पहलुओं का गहन अध्ययन कराया गया।
देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ की टीम में गौरव वर्मा, गौतम चंदवाल, जिंदगी, फौजिया, सुधांशु कुमार और अस्मिता शामिल रहे। टीम का नेतृत्व सहायक प्रोफेसर आकांक्षा भट्ट ने किया। टीम का गठन विधि संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित ने किया था।
सम्मेलन के समापन अवसर पर रितु गुजराल और उत्तराखंड बार काउंसिल के पदाधिकारी अधिवक्ता राकेश गुप्ता ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। निर्णायक मंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शर्मा, अधिवक्ता आर.एस. राघव और समाजसेवी नेहा जोशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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