
देहरादून, 08 अप्रैल 2026। विद्यालयी शिक्षा विभाग में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति अथवा अटैचमेंट पर कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अब उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत सूची शिक्षा महानिदेशक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में मानव संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न विद्यालयों, विभागीय कार्यालयों तथा अन्य विभागों में लंबे समय से संबद्ध या प्रतिनियुक्ति पर तैनात शिक्षकों व कर्मचारियों का पूरा विवरण मांगा गया है। इसमें कार्मिक का नाम, पद, मूल तैनाती स्थल, वर्तमान कार्यस्थल, प्रतिनियुक्ति या अटैचमेंट की अवधि और उसके कारण सहित सभी आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति या अटैचमेंट पर तैनात कार्मिकों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। जिन मामलों में प्रतिनियुक्ति आवश्यक नहीं पाई जाएगी, उन्हें मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि दिव्यांग कार्मिकों या विशेष परिस्थितियों में किए गए अटैचमेंट को राहत दी जा सकती है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाना है। कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की शिकायतें मिलती हैं, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी विभिन्न कार्यालयों या अन्य विभागों में तैनात हैं। ऐसे में उनकी वापसी से विद्यालयों में शिक्षण कार्य को मजबूती मिलेगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में सटीक और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या तथ्य छुपाने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में व्यवस्थागत सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी दिशा में यह पहल भी एक महत्वपूर्ण कदम है।







