
देहरादून 08 अप्रैल। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने हिमालयन हॉस्पिटल, जॉली ग्रांट पर कैंसर मरीजों से इंजेक्शन के नाम पर भारी वसूली करने का आरोप लगाया है। पत्रकार वार्ता में नेगी ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्तन कैंसर (मेटास्टैटिक HER-2 पॉजिटिव) से पीड़ित मरीजों को केवल अस्पताल से उपलब्ध कराए गए इंजेक्शन ही लगवाने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी नामक इंजेक्शन, जो कैंसर की कोशिकाओं को रोकने में उपयोग होता है, अस्पताल में 68 से 70 हजार रुपये में लगाया जा रहा है, जबकि यही इंजेक्शन खुले बाजार में लगभग 32 से 34 हजार रुपये में स्कीम के तहत उपलब्ध है। नेगी ने कहा कि पहले मरीजों को बाहर से खरीदे गए इंजेक्शन लगवाने की सुविधा दी जाती थी, लेकिन अब अस्पताल ने यह व्यवस्था बंद कर दी है।
नेगी ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज और उनके परिजन पहले ही मानसिक व आर्थिक संकट से गुजरते हैं। ऐसे में इस प्रकार की वसूली उनके लिए और अधिक पीड़ादायक साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि एक मरीज को लगभग 20 दिन के अंतराल में कई बार यह इंजेक्शन लगाना पड़ता है, जिससे उपचार का खर्च बहुत बढ़ जाता है और कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है।
जन संघर्ष मोर्चा ने अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में विजय राम शर्मा और पछवादून अध्यक्ष अमित जैन भी मौजूद रहे।





