हरिद्वार 30 दिसंबर ।
गोरखाली महिला कल्याण समिति ने आयुर्वेद, योग और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आचार्य बालकृष्ण को सम्मानित किया। यह सम्मान पूर्व में 28 दिसंबर 2025 को हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित वनभोज एवं सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान प्रदान किया जाना था, लेकिन अन्य आवश्यक कारणों से आचार्य बालकृष्ण उस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके थे। इसी क्रम में समिति द्वारा आज उन्हें विधिवत सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखने और सकारात्मक सामाजिक चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने गोरखाली समाज के सांस्कृतिक प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में पदम प्रसाद सुबेदी ने कहा कि वनभोज एवं सांस्कृतिक आयोजन का उद्देश्य गोरखाली समाज की एकता को मजबूत करना और उसकी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है। वहीं गोरखाली महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष पदमा पाण्डेय ने कहा कि वनभोज गोरखाली समाज की समृद्ध परंपरा का प्रतीक है और इसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि आचार्य बालकृष्ण पतंजलि योगपीठ के महासचिव हैं और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति ने उनके जनहितकारी कार्यों को मान्यता देते हुए यह सम्मान प्रदान किया।
इस अवसर पर पदम प्रसाद सुबेदी, कमल खड़का, कमला सुबेदी, पदमा पाण्डेय, शारदा सुबेदी, सपना खड़का, हरिप्रसाद पराजूली सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।




