
देहरादून 28 अप्रैल। उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में सभी लोग प्रेमपूर्वक रहते हैं और यहां सामाजिक सद्भाव की मजबूत परंपरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के ध्येय के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी को शिक्षा का अधिकार मिले, इसी उद्देश्य से मदरसा बोर्ड पर कार्य किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के नाम पर समाज को बांटने का काम नहीं होना चाहिए और सरकार किसी भी वर्ग को अलग-थलग नहीं करना चाहती। सरकार आपसी भाईचारे और सद्भाव को बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।सीएम धामी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में न कोई अल्पसंख्यक है और न कोई बहुसंख्यक, बल्कि सभी बच्चों को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत है, ताकि उन्हें साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) जैसी आधुनिक सुविधाओं और ज्ञान का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी विरासत और इतिहास से सीख लेते हुए आगे बढ़ना है। इतिहास में यदि कुछ अच्छा नहीं हुआ है तो उसे भी समाज के सामने लाना जरूरी है, ताकि भविष्य बेहतर बनाया जा सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मुद्दे पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का कार्य उनकी सरकार में ही हुआ है। इसी कारण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वर्तमान सरकार से उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास सरकार द्वारा किया जाएगा।




