स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, सिद्धबली हनुमान द्वार और शहीद चौक का किया लोकार्पण

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मु हरिद्वार 21 नवम्बर ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पांच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में पहुंचे। भव्य आयोजन में साधु-संतों की उपस्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने संत समाज को “जीवन्त तीर्थ” बताते हुए कहा कि संतों का मार्गदर्शन समाज को सत्पथ की ओर ले जाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने परमपूज्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की और जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी महाराज सहित संतजनों का साष्टांग प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों की दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा पैदा करती है।

उन्होंने कहा कि महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण और कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यक्रम सेवा-भावना और संस्कार का प्रेरक संदेश दे रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार और शहीद चौक का लोकार्पण किया। उन्होंने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को ‘शहीद चौक’ नाम दिया जाएगा, ताकि अमर बलिदानियों की स्मृति सदैव बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का वैश्विक गौरव बढ़ा है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण, केदारनाथ–बद्रीनाथ धाम पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक निर्माण जैसी पहलों को सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना की रक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। लैंड जिहाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के तहत नौ हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर राज्य में समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है। नकल माफिया पर सख्त कानून लागू होने से 26 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी मिली है। अवैध गतिविधियों में लिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसे सील किए गए हैं और नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद एक जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे। ‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य पर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड जल्द ही आदर्श और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा । उन्होंने कहा कि जीवनदीप आश्रम समाजहित में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और 1100 कन्याओं का पूजन तथा छह कन्याओं के सामूहिक विवाह सेवा और संस्कार की मिसाल है। मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार भेंट किए और सामूहिक विवाह में नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया।

कार्यक्रम में समारोह में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी  गीता धामी , अखाड़े के महामंडलेश्वर यतीन्द्रानंद गिरी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी, स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी मैत्रेयी गिरी, श्रीमहंत राघवेंद्र दास, स्वामी विवेकानंद सरस्वती, स्वामी शिव प्रेमानंद सहित अनेक संत मौजूद रहे। साथ ही राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला, मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक प्रदीप बत्रा, भाजपा पदाधिकारी, जिला प्रशासन व बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी भी उपस्थित रहे।

 

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