प्रवासी उत्तराखंडी हैं देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर : मुख्यमंत्री धामी

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‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा राज्य
दून विश्वविद्यालय में प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

देहरादून 5 नवंबर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दून विश्वविद्यालय में राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित ‘प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत आपदाओं में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देकर हुई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं। वे जहां भी रहते हैं, अपनी मिट्टी की खुशबू, संस्कृति और परंपराओं को साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन इसी उद्देश्य से किया है ताकि उनके अनुभवों और सुझावों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी जन आज अपने गांवों को गोद लेकर विकास में योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य “विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी योजनाओं ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों में नीति आयोग की रैंकिंग में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में राज्य “एचीवर्स” और “स्टार्टअप रैंकिंग” में “लीडर्स” श्रेणी में है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष तक सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा को सम्मानजनक रोजगार मिले, पलायन रुके और प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों से राज्य के विकास अभियान में भागीदार बनने का आह्वान किया।

कोश्यारी बोले — देवभूमि की ताकत है ईमानदारी और परिश्रम

पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी पूंजी उसकी ईमानदारी और परिश्रम है। यही कारण है कि उत्तराखंडी व्यक्ति देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से नाम कमा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राज्य के प्रति विशेष स्नेह है और प्रवासी उत्तराखंडी हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे।

हिमानी शिवपुरी ने गोद लिया अपना पैतृक गांव
फिल्म अभिनेत्री और प्रवासी उत्तराखंडी हिमानी शिवपुरी ने बताया कि उन्होंने रुद्रप्रयाग जिले में अपना पैतृक गांव गोद लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और लोककला अमूल्य धरोहर हैं, जिनके संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए।

मुख्य सचिव बोले — उत्तराखंड ने बनाई विकास की नई पहचान

राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जैविक कृषि और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखंड ने खेल भूमि के रूप में नई पहचान बनाई है। पारदर्शी नीतियों और योजनाबद्ध प्रयासों से राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

टेक्सटाइल पार्क की संभावनाओं पर चर्चा

भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय में निदेशक पूर्णेश गुरूरानी ने कहा कि उत्तराखंड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग सेंटर और टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की दिशा में काम किया जा सकता है। राज्य में हिमालय फाइबर उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं।

सम्मेलन में कई प्रवासी हुए शामिल

सम्मेलन में विधायक विनोद चमोली, किशोर उपाध्याय, दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल सहित देशभर से आए प्रवासी उत्तराखंडी मौजूद रहे।

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