देहरादून में बाल श्रम पर सख्ती, एक साल में 40 बच्चे रेस्क्यू

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देहरादून 8 जुलाई । देहरादून जनपद में बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज करते हुए पिछले एक वर्ष में 486 औचक निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से 28 बाल श्रमिक और 12 किशोर श्रमिक समेत कुल 40 बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया।

सहायक श्रम आयुक्त शैलेष सती की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में बताया गया कि मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दोषी नियोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रत्येक मामले में 20-20 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वसूली गई है। 12 मामलों में आयु प्रमाण पत्र के आधार पर बाल श्रम की श्रेणी लागू नहीं होने से वसूली नहीं की गई, जबकि अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी है।
बैठक में बताया गया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का काम कराना प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने पर छह माह से दो वर्ष तक की सजा और न्यूनतम 20 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।प्रशासन ने पुलिस, श्रम विभाग और अन्य एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

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