102.82 करोड़ की 11 योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास, शहीदों के परिजनों के लिए 50 लाख तक अनुग्रह राशि
रिखणीखाल (पौड़ी गढ़वाल) 26 अक्टूबर
। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से 11 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ की छह योजनाओं का लोकार्पण और 46.24 करोड़ की पांच योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम श्री गुणानंद के नाम पर रखने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र के लिए नए प्रेक्षागृह, अतिथि गृह, हैलीपैड, स्वास्थ्य केंद्र, पशु सेवा केंद्रों, पंपिंग योजनाओं और सड़कों के निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय सड़कों का नामकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और ग्रामीण जीवन से जुड़े पारंपरिक कार्यों में सहभागिता की। उन्होंने ओखली में धान कूटा, सिलबट्टे पर चटनी पीसी और मट्ठा बिलोया। उन्होंने कहा कि आज देश-दुनिया में पहाड़ी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, स्थानीय लोग स्वरोजगार से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का पावन क्षण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग हर घर से एक सैनिक देश की सेवा कर रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि सरकार ने शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी है। परमवीर चक्र व अन्य सैन्य अलंकरण प्राप्त वीरों की पुरस्कार राशि में भी बड़ी वृद्धि की गई है। शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार रुपये की सहायता राशि, भूमि क्रय पर 25 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट और सरकारी सेवा में अब तक 28 परिजनों को नियुक्ति दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम का लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन, आधुनिक उपकरण, जैकेट व जूतों की सुविधाएं भी सैनिकों को दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा और बिपिन रावत पार्क का निर्माण पूरा हो चुका है। चारधाम पैदल मार्ग, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील निर्माण और धारी देवी पैदल मार्ग के कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए काम कर रही है। दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम सुशासन की दिशा में मील का पत्थर हैं।
कार्यक्रम में विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड के गौरव को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में UCC, नकल विरोधी कानून और रोजगार सृजन के कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीद परिवारों के साथ खड़ी है और किसी भी समस्या पर गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह, ब्लॉक प्रमुख रेणु रावत, प्रमुख रणवीर सजवाण सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।








