
देहरादून 04 अप्रैल। पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल-2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाए गए पुस्तक स्टॉलों का अवलोकन किया तथा गढ़वाली और कुमाऊँनी भाषाओं की पुस्तकों का विमोचन भी किया।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न सत्र, संवाद कार्यक्रम, पुस्तक परिचर्चाएं और “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजन होंगे। उन्होंने बच्चों के लिए बनाए गए “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत को बढ़ावा मिलेगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” जैसे पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में साहित्य ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा और उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों और पौधों को बढ़ावा दें, ताकि समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजाना दाऊ , मेयर सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण , मिलिन्दा मराठी , युवराज मलिक तथा अमन बंसल सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








