देहरादून 26 अक्टूबर ।
सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं जैसे बिजली लाइन, पेयजल, सीवरेज और गैस पाइपलाइन को भूमिगत करने के कार्यों के लिए प्रशासन ने रात के समय सड़क खोदने की अनुमति तो दी है, लेकिन इस बार जिला प्रशासन की क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT) इन कार्यों पर कड़ी निगरानी रखेगी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, मानकों का उल्लंघन या खुदाई छोड़ने पर जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से प्रशासन पीछे नहीं हटेगा।
शनिवार को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें यूपीसीएल, गेल, यूयूएसडीए, एडीबी सहित अन्य एजेंसियों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। डीएम ने सभी एजेंसियों को सशर्त अनुमति देते हुए कहा कि कार्य केवल 10 नवंबर के बाद, रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही किए जा सकेंगे।
डीएम बंसल ने कहा कि शहर को लंबे समय तक अस्त-व्यस्त नहीं रखा जा सकता। सड़क खोदने के बाद उसे सुबह तक समतल और चालू स्थिति में लाना अनिवार्य होगा। अनुमति जारी करने से पहले सभी एजेंसियों को एनओसी और कटिंग चार्ज जमा कराने होंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि क्यूआरटी निरीक्षण में खामियां मिलने पर संबंधित विभागों पर विधिक कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने यह भी बताया कि निर्माण कार्यों के दौरान स्मार्ट सिटी के कैमरों को नुकसान की शिकायतें मिली हैं। इसलिए अब किसी भी एजेंसी को कार्य शुरू करने से पहले स्मार्ट सिटी से एनओसी लेना अनिवार्य होगा।
उन्होंने उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी को यूपीसीएल, गेल, एडीबी और यूयूएसडीए के कार्यों की साइट विजिट करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यदायी संस्थाओं को अपने निर्माण कार्यों की अनुमति के साथ डंपिंग जोन और समयसीमा की जानकारी स्पष्ट रूप से देने के निर्देश भी जारी किए।
डीएम ने कहा कि पुराने कार्य पूरे किए बिना किसी को नया कार्य शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक में एसीईओ स्मार्ट सिटी तीरथपाल सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, तथा विभिन्न संस्थाओं—यूपीसीएल, एडीबी, यूयूएसडीए, गेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन—के प्रतिनिधि मौजूद रहे।








