
देहरादून/नई दिल्ली, 20 जून। उत्तराखंड सरकार में पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत-नेपाल सीमा पर विकसित किए जा रहे एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) बनबसा तथा उससे जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान सतपाल महाराज ने गृह मंत्री को उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक एम्बल्स अक्रॉस गॉडलैंड भेंट की। पुस्तक में राज्य सरकार द्वारा अनुपयोगी पुलों पर कैफेटेरिया विकसित कर उनके बेहतर उपयोग के मॉडल का उल्लेख किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस नवाचार की सराहना की।
बैठक में सतपाल महाराज ने भारत-नेपाल सीमा पर विकसित किए जा रहे आईसीपी बनबसा से संबंधित विभिन्न विषयों के साथ-साथ आईसीपी को जोड़ने वाली एप्रोच रोड (राष्ट्रीय राजमार्ग) के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में देरी से आईसीपी परियोजना के विकास एवं निर्माण कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।महाराज ने गृह मंत्री को सौंपे गए पत्र में बताया कि वर्तमान में निर्माण स्थल तक पहुंच के लिए केवल 10 टन क्षमता वाला एक पुल उपलब्ध है, जिससे भारी निर्माण सामग्री और मशीनरी के आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने परियोजना की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एप्रोच रोड निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।इस अवसर पर सतपाल महाराज ने बनबसा और महेंद्रनगर के बीच प्रस्तावित ट्राइपॉड परियोजना के संबंध में भी गृह मंत्री अमित शाह से विस्तृत चर्चा की और परियोजना को शीघ्र गति प्रदान करने का अनुरोध किया।
महाराज ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्र में चल रही महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास और भारत-नेपाल व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।








