
देहरादून 21 अक्टूबर। पहाड़ की महिलाओं के संघर्ष, साहस और जीवटता की कहानी को पर्दे पर उतारने वाली गढ़वाली फिल्म ‘घस्यारी’ 23 अक्टूबर से सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। फिल्म की रिलीज से पहले बुधवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में मांशक्ति पिक्चर्स के बैनर तले बनी फिल्म को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान फिल्म से जुड़े कलाकार और तकनीशियन मौजूद रहे।
फिल्म की निर्मात्री परिणीता बडोनी हैं, जबकि चर्चित फिल्म ‘कारा एक प्रथा’ के लेखक-निर्देशक सुनील बडोनी ने ‘घस्यारी’ का लेखन और निर्देशन किया है। फिल्म में शुभ चंद्रा नायक, शिवानी भंडारी नायिका और सृष्टि रावत सह-नायिका की भूमिका में हैं।
‘घस्यारी’ उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने वाली महिलाओं के कठिन और संघर्षपूर्ण दैनिक जीवन पर केंद्रित है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह पहाड़ी महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ मवेशियों के लिए चारा और घर के लिए जलाऊ लकड़ी जुटाने जंगलों का रुख करती हैं। सुबह से शाम तक खेतों और घर के काम में जुटी इन महिलाओं का जीवन लगातार संघर्ष से भरा रहता है।जंगलों में तेंदुए और भालू जैसे वन्यजीवों का खतरा, पेड़ों से गिरने का जोखिम और समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाने जैसी चुनौतियों के बावजूद पहाड़ की महिलाएं बिना शिकायत अपने परिवार और गांव की जिम्मेदारियां निभाती हैं। फिल्म इन्हीं महिलाओं के संघर्ष को पहाड़ों से पलायन और गांवों के खाली होने की समस्या से भी जोड़ती है।फिल्म की निर्मात्री परिणीता बडोनी के अनुसार ‘घस्यारी’ 23 अक्टूबर 2026 से मॉल ऑफ देहरादून सहित दिल्ली-एनसीआर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। फिल्म के माध्यम से पहाड़ी महिलाओं के साहस, सहनशीलता और उनकी शांत शक्ति को सम्मान देने का प्रयास किया गया है।
प्रेस वार्ता में लेखक-निर्देशक सुनील बडोनी, निर्मात्री परिणीता बडोनी, कलाकार शुभ चंद्रा, सृष्टि रावत , रमेश रावत, भारती आन्नद, राजेश जोशी, दीपक रावत, विनीता नेगी, रमेश नौडियाल, सचिन रावत, वीरेंद्र आसवाल सहित फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार एवं तकनीशियन मौजूद रहे।









