


शूर्पणखा लीला और सीता हरण का भव्य मंचन, डिजिटल लक्ष्मण रेखा और पुष्पक विमान बने आकर्षण
देहरादून 17 अक्टूबर ।रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव-2026 के छठे दिन शुक्रवार को ‘धर्म शक्ति दिवस’ के रूप में शूर्पणखा लीला और सीता हरण का भव्य मंचन किया गया। आधुनिक लेजर और डिजिटल तकनीक के प्रयोग से मंच पर प्रस्तुत किए गए दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे।
श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून की ओर से आयोजित रामलीला में आकाश मार्ग से पुष्पक विमान का आगमन और रावण-जटायु के महासंग्राम का दृश्य विशेष आकर्षण रहा। डिजिटल लेजर से तैयार लक्ष्मण रेखा और उसे पार करने के प्रयास में रावण के स्पर्श से निकलती डिजिटल चिंगारियों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। डिजिटल वन, कुटिया और पुष्पक विमान के संयोजन से सीता हरण का प्रसंग जीवंत हो उठा।
इस अवसर पर सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण में योगदान के लिए टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री श्री 108 कृष्णागिरी महाराज और श्री गंगा सभा, हरकी पैड़ी, हरिद्वार के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि यह रामलीला धार्मिक सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की मिसाल है। वर्ष 2025 में इसे डिजिटल माध्यमों पर 82 लाख से अधिक लोगों ने देखा था। उन्होंने कहा कि गुरु नानक मैदान में आयोजित होने वाली यह रामलीला सनातन संस्कृति और सिख परंपरा के आपसी सम्मान तथा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
महंत कृष्णागिरी महाराज ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सनातन परंपराओं का संरक्षण समय की आवश्यकता है। पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को आधुनिक तकनीक के साथ भव्य रूप में प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है।
समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 1952 से पुरानी टिहरी में चली आ रही रामलीला टिहरी बांध के कारण पुरानी टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। लेजर और डिजिटल तकनीक के माध्यम से पारंपरिक प्रसंगों को नई पीढ़ी के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में गुरदीप सिंह सप्पल, महंत कृष्णागिरी महाराज, तन्मय वशिष्ठ, हेमंत कोच्चर, सारिका चौधरी, रजनी वर्मा, शिवप्रसाद नौटियाल, हेमंत माटा, सौरभ शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
समिति के अनुसार वर्ष 2025 में रामलीला को डिजिटल माध्यमों पर 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा था। इस वर्ष एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। भव्य रामलीला महोत्सव 8 से 25 अक्टूबर तक श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में आयोजित हो रहा है। रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन तथा 21 अक्टूबर को श्रीराम के राजतिलक का आयोजन किया जाएगा।







