
देहरादून 17 अक्टूबर ।उत्तराखंड सरकार की मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (सीएमएसएसवाई) दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। इसी क्रम में शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य श्रम विभाग के अपर श्रम आयुक्त जुनैद के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन मॉडल की जानकारी ली।
बैठक में श्रमायुक्त प्रकाश चंद्र दुम्का ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा परामर्श और उपचार के लिए रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि राज्य में उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग से योजना संचालित की जा रही है। बिना किसी अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के अब तक करीब 60 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। तकनीकी नवाचार, बेहतर प्रबंधन और विभिन्न विभागों के समन्वय से सीमित संसाधनों में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश की टीम ने योजना की तकनीकी व्यवस्था, पंजीकरण और सत्यापन प्रक्रिया, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने, गंभीर बीमारियों की पहचान और संबंधित विभागों के साथ समन्वय की प्रक्रिया को समझा। टीम ने उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार की व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
श्रमायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और संभावित गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के प्रभावी और नवाचारपूर्ण क्रियान्वयन की राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हो रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश की टीम का भ्रमण दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण योजनाओं में अनुभवों के आदान-प्रदान और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणालियों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर उप श्रम आयुक्त, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड विपिन कुमार, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






