व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़,

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हल्द्वानी 9 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए व्यापारियों के हित में आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान एवं हितों की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार व्यापारियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्राकृतिक आपदा या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

उन्होंने पर्यटन व्यवसाय के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल करने और एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने, पर्यटन बहुल क्षेत्रों व जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार करने की भी घोषणा की। चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों व नालियों के निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में व्यापार और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को लगातार सरल बनाया जा रहा है। एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है। स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार को मजबूत कर उत्तराखंड को आध्यात्मिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी प्रमुख केंद्र बनाना है।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके सहयोग से विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तराखंड का संकल्प पूरा किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। सम्मेलन में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत और सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय समेत व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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