आम उपभोक्ताओं पर सख्ती और सरकारी विभागों पर नरमी बंद करे यूपीसीएल : नेगी

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देहरादून 9 अक्टूबर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आम विद्युत उपभोक्ताओं और सरकारी विभागों के लिए यूपीसीएल की अलग-अलग कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकारी महकमों से विद्युत बकाया की वसूली में सख्ती बरतने की मांग की है। नेगी ने इस संबंध में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी से मुलाकात कर आम और सरकारी उपभोक्ताओं के साथ समान व्यवहार किए जाने का आग्रह किया। ध्यानी ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया।

नेगी ने कहा कि आम उपभोक्ता पर करीब पांच हजार रुपये का बकाया होने पर उसका विद्युत कनेक्शन काट दिया जाता है, जबकि सरकारी विभागों पर कथित तौर पर करीब 1300 करोड़ रुपये बकाया होने के बावजूद उनके खिलाफ उसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने इसे आम उपभोक्ताओं के साथ असमान व्यवहार बताते हुए सरकारी विभागों से बकाया वसूली के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
नेगी के अनुसार सरकारी विभागों में जल निगम और जल संस्थान पर करीब 450 करोड़ रुपये, सिंचाई विभाग पर 452 करोड़, नगर निगम एवं नगर पालिकाओं पर 76 करोड़, अन्य सरकारी विभागों पर 150 करोड़, सांसद-विधायक आवासों पर 45 करोड़, एमएसएसवाई पर 258 करोड़ और स्मार्ट सिटी पर करीब 45 करोड़ रुपये का विद्युत बकाया बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों पर लंबे समय से बकाया रहने का भार अंततः विद्युत व्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उनका आरोप है कि बकाया की भरपाई के लिए समय-समय पर बिजली की दरों में विभिन्न प्रकार के अधिभार अथवा अन्य शुल्क बढ़ाए जाते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।नेगी ने यूपीसीएल प्रबंधन से मांग की कि जिस तरह आम उपभोक्ताओं के बकाये पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, उसी तरह सरकारी विभागों से भी बकाया वसूली के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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