
महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता में दिखाई पाक कला, भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
देहरादून 21 सितंबर ।कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद गढ़ी शाखा के महोत्सव के सातवें दिन मंगलवार को विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह नित्य पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं के लिए उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें महिलाओं ने उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों की विविधता और अपनी पाक कला का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में बेड़ू पूरी, बड़े, पुवे, विभिन्न प्रकार के आलू के गुटके, पतोड़, लाल चावल की खीर, चैस, सेल, पीले मीठे चावल, हलवा, आलू-तिल की चटनी, मादिर (झिंगुर) की खीर, लापसी, रोट, चने, भट्ट के डुबके, भरवा पूरी, सिंगल, झोली-भात, राई रोटी, मडुवे की रोटी, पूरी, साया, चुड़कानी और भट्ट का जौला सहित अनेक पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुत किए गए।
व्यंजन प्रतियोगिता की निर्णायक प्रधानाचार्य प्रतिभा पाठक रहीं। उन्होंने विभिन्न व्यंजनों की विशेषताओं और उनके पारंपरिक महत्व की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना रहीं। इस दौरान सत्यमेव जयते टीम, फुलसेनी की महिलाओं, अंकित विहार, माजरा शाखा, शिव शक्ति मंडली तथा प्रेमपुर माफी की महिलाओं ने मां के दरबार में भजन संध्या प्रस्तुत की। भजनों से कार्यक्रम स्थल भक्तिमय हो गया।
आयोजकों ने बताया कि अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामाधाराचार्य महाराज का आशीर्वाद लगातार प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय अध्यक्ष कमल रजवार, कार्यक्रम संयोजक बबीता साह लोहनी, जीसी जोशी, प्रेम तिवारी, हरीश चंद्र पांडेय, केडी जोशी, अलका रावत, कल्पना वर्मा और अमित रावत सहित परिषद के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।








