
पंतनगर में द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, किसानों, युवाओं और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़ने पर जोर
देहरादून 21 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहकार भारती उत्तराखंड की ओर से आयोजित लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सहकार भारती के संस्थापक लक्ष्मणराव इनामदार की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सहकारिता को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
धामी ने कहा कि पंतनगर की ज्ञानभूमि से सहकारिता को नई दिशा देने वाली कई महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई हैं। सहकार ग्रंथ के लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, युवाओं को जोड़ने के लिए सामाजिक माध्यमों पर अभियान और एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण जैसी पहल से सहकारिता क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। पर्वतीय राज्य में पलायन रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारिता प्रभावी माध्यम बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पैक्स सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बदलती जरूरतों के अनुरूप इन्हें एम-पैक्स के रूप में अधिक सक्षम और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी बनाने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व को नई सोच, कार्यदृष्टि और दिशा देने का माध्यम भी है।
धामी ने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बनाकर गांवों को मजबूत करने, युवाओं को अवसर देने और किसानों की आर्थिक शक्ति बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति शिवेंद्र कुमार कश्यप, सहकार भारती के राष्ट्रीय महासचिव दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित डॉ. बृजेश और डॉ. दिनेश कुमार सिंह वर्चुअल माध्यम से जुड़े।









