
करीब 100 बच्चों की क्षमता वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में सुविधाओं का विस्तार, नए हॉल का भी होगा निर्माण
देहरादून, 10 सितंबर। जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित आवास, शिक्षा और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की पहल के तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर तैयार किए जा रहे इस छात्रावास में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से बच्चों की सुविधा और ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई कार्य किए जा रहे हैं।
छात्रावास की छत पर 10 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर दिया गया है। इससे परिसर में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत होने के साथ ऊर्जा की बचत को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, बच्चों को गर्मी से राहत देने के लिए कमरों के लिए करीब 10 कूलर उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिन्हें जल्द कमरों में स्थापित किया जाएगा।
छात्रावास में बच्चों की सामूहिक गतिविधियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के लिए एक नए हॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हॉल बनने से बच्चों को सामूहिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी।
100 बच्चों को मिलेगा सुरक्षित आशियाना
आवासीय छात्रावास की क्षमता करीब 100 बच्चों की होगी। यहां बच्चों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। 6 से 18 वर्ष तक के जरूरतमंद बच्चों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें अनाथ बच्चे, जिनके एक या दोनों माता-पिता नहीं हैं, बेहद कम आय वाले परिवारों के बच्चे, अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चे, दिव्यांग बच्चे, कूड़ा बीनने वाले, भिक्षावृत्ति में लगे तथा शहरी वंचित वर्ग के बच्चों को शामिल किया जाएगा। विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों को भी सुरक्षित आवास और संरक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
छात्रावास का उद्देश्य केवल बच्चों को रहने की सुविधा देना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण में शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। एमडीडीए की ओर से सौर ऊर्जा संयंत्र, कूलर और प्रस्तावित हॉल जैसी सुविधाओं का विकास इसी उद्देश्य को मजबूत करता है।
बच्चों की सुविधा प्राथमिकता : तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण विकास कार्यों के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दे रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में बच्चों की सुविधा के लिए 10 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है और कमरों के लिए कूलर उपलब्ध कराए गए हैं। करीब 100 बच्चों की क्षमता वाला यह छात्रावास जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्राधिकरण का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें।
तेजी से किए जा रहे जरूरी कार्य : बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि छात्रावास में बच्चों की सुविधाएं बेहतर करने के लिए जरूरी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के साथ कमरों में कूलर लगाए जा रहे हैं, जबकि नए हॉल के निर्माण की निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रयास है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले, ताकि वे बिना किसी बाधा के पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।







