उत्तराखंड में राज्य स्तरीय काउंसिलिंग 9 सितंबर से, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस और बीएचएमएस में प्रवेश केवल ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा
देहरादून 02 सितंबर। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आयुष स्नातक पाठ्यक्रमों बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस और बीएचएमएस में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग की ओर से निर्धारित समय-सारणी के अनुसार राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की काउंसिलिंग अथॉरिटी को तय समय सीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तर की काउंसिलिंग में राज्य कोटे की सीटों के साथ निजी संस्थानों की अखिल भारतीय कोटे की सीटों पर भी ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।
राज्य स्तरीय काउंसिलिंग का कार्यक्रम
राज्य स्तरीय काउंसिलिंग का पहला चरण 9 सितंबर से 24 सितंबर 2026 तक चलेगा। आवंटित संस्थान में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 26 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
दूसरा चरण 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा और प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर 2026 होगी।
तीसरा चरण 24 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में सीट आवंटन के बाद प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 3 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
रिक्त सीटों को भरने के लिए विशेष रिक्त सीट चरण 12 नवंबर से 27 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस चरण में सीट आवंटन के बाद प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 है।
निर्देशों में कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की काउंसिलिंग अथॉरिटी पात्र अभ्यर्थियों और उपलब्ध रिक्त सीटों की संख्या को देखते हुए प्रवेश की अंतिम तिथि तक पर्याप्त संख्या में विशेष रिक्त सीट चरण आयोजित कर सकती है।
केंद्रीय स्तर पर भी चरणबद्ध काउंसिलिंग
केंद्रीय आयुष काउंसिलिंग समिति की ओर से भी चरणबद्ध काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। पहले चरण की काउंसिलिंग 31 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक चलेगी और अभ्यर्थियों को 23 सितंबर 2026 तक आवंटित संस्थान में प्रवेश लेना होगा।
दूसरे चरण की काउंसिलिंग 26 सितंबर से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक होगी। इसके बाद तीसरा चरण और रिक्त सीटों के लिए विशेष चरण नवंबर के अंत तक पूरे किए जाएंगे।
सभी सीटों पर केवल ऑनलाइन काउंसिलिंग से होगा प्रवेश
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड द्वारा स्वीकृत अथवा अनुमति प्राप्त सभी सीटों पर प्रवेश केवल ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से होगा। इसमें आरक्षित और विभिन्न श्रेणियों की सीटें भी शामिल होंगी। विदेशी नागरिकों के लिए अलग व्यवस्था लागू रहेगी।
केंद्रीय स्तर पर केंद्रीय आयुष काउंसिलिंग समिति राज्य सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों की 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटे की सीटों, केंद्रीय एवं मानित विश्वविद्यालयों तथा राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग आयोजित करेगी।
वहीं निजी आयुष कॉलेजों, संस्थानों और राज्य विश्वविद्यालयों की 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए संबंधित राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश की काउंसिलिंग अथॉरिटी प्रक्रिया संचालित करेगी। राज्य कोटे की 85 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश भी राज्य स्तर की ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से होगा।
नीट में न्यूनतम पात्रता अंक जरूरी
आयुष स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-2026 में निर्धारित न्यूनतम पात्रता अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। न्यूनतम पात्रता अंक हासिल नहीं करने वाले अभ्यर्थी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस और बीएचएमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के पात्र नहीं होंगे।
सभी श्रेणियों में सीटों का आवंटन अभ्यर्थियों की आपसी योग्यता क्रम के आधार पर किया जाएगा।
30 नवंबर तक पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस और बीएचएमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। संस्थानों को इसी दिन शाम 6 बजे तक प्रवेशित विद्यार्थियों का विवरण राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
निर्धारित समय के भीतर प्रवेश संबंधी विवरण अपलोड नहीं करने वाले कॉलेजों और संस्थानों पर संबंधित आयोग की ओर से एक लाख रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा।
सभी चरणों में प्रवेशित विद्यार्थियों का संस्थानवार विवरण काउंसिलिंग अथॉरिटी को 5 दिसंबर 2026 तक संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
वहीं बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस और बीएचएमएस के नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं 2 नवंबर 2026 से शुरू होंगी।
निर्देशों में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की काउंसिलिंग अथॉरिटी से कहा गया है कि वे चरणवार विस्तृत समय-सारणी तैयार कर अपनी वेबसाइटों पर जारी करें और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अभ्यर्थियों को कॉलेज चयन और प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।




