देहरादून 02 सितंबर। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विश्वविद्यालय के परिसरों और संबद्ध निजी संस्थानों में बीएएमएस,बीएचएमएस ,बीयूएमएस एवं एमडी,एमएस आयुर्वेद की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर केंद्रीयकृत काउंसिलिंग आयोजित करने की घोषणा की है। प्रवेश राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और संबंधित नियामक संस्थाओं की स्वीकृति के आधार पर किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव शिव प्रसाद बरनवाल ने बताया कि विभिन्न परिसरों और संबद्ध निजी संस्थानों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए सीटों की मान्यता प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि ऋषिकुल परिसर, हरिद्वार में स्नातक स्तर पर 75 सीटें स्वीकृत हैं।
गुरुकुल परिसर, हरिद्वार में स्नातक स्तर पर 69 सीटें और स्नातकोत्तर स्तर पर 75 सीटें स्वीकृत हैं।आयुर्वेद संकाय, मुख्य परिसर हर्रावाला में स्नातक स्तर पर 15 सीटें और स्नातकोत्तर स्तर पर 75 सीटें स्वीकृत हैं।पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार में स्नातक स्तर पर 65 सीटें तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 68 सीटें स्वीकृत हैं।हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, देहरादून में स्नातक स्तर पर 51 सीटें और स्नातकोत्तर स्तर पर 59 सीटें स्वीकृत हैं।
क्वाड्रा इंस्टीट्यूट, रुड़की में स्नातकोत्तर स्तर पर 15 सीटें तथा अन्य स्वीकृत पाठ्यक्रमों के लिए 21 सीटें दर्शाई गई हैं।
बीहाइव आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, देहरादून में स्नातक स्तर पर 54 सीटें स्वीकृत हैं।
कोर मेडिकल कॉलेज, रुड़की में स्नातक स्तर पर 54 सीटें स्वीकृत हैं।देवभूमि मेडिकल कॉलेज, देहरादून में स्नातक स्तर पर 49 सीटें स्वीकृत हैं।
दून इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, देहरादून में स्नातक स्तर पर 48 सीटें स्वीकृत हैं।सूरजमल मेडिकल कॉलेज, किच्छा, ऊधमसिंह नगर में स्नातक स्तर पर 54 सीटें स्वीकृत हैं।
उत्तरांचल मेडिकल कॉलेज, प्रेमनगर, देहरादून में स्नातक स्तर पर 90 सीटें स्वीकृत हैं।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सूचीबद्ध संस्थानों के अतिरिक्त किसी अन्य संस्थान को मान्यता दिए जाने के संबंध में उसे कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई संस्थान विश्वविद्यालय की काउंसिलिंग प्रक्रिया और एनसीआईएसएम द्वारा निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए किसी छात्र को प्रवेश देता है तो ऐसा प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा मान्य नहीं किया जाएगा और नियमविरुद्ध प्रवेशित छात्र-छात्राओं का नामांकन भी जारी नहीं होगा।
दो संस्थानों के प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए
कहा कि विश्वविद्यालय के अनुसार, एनसीआईएसएम ने 4 अगस्त 2026 के आदेश में श्रीमती मंजीरा देवी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, उत्तरकाशी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीएएमएस पाठ्यक्रम की मान्यता निरस्त कर दी है।
इसके अलावा होम्योपैथिक चिकित्सा आंकलन एवं रेटिंग बोर्ड ने 24 अगस्त 2026 के पत्र के माध्यम से परम हिमालय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, डोईवाला में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की अनुमति के मामले में विचार न करने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने बीएएमएस,बीएचएमएस ,बीयूएमएस एवं एमडी,एमए आयुर्वेद में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या अनधिकृत प्रवेश के झांसे में न आएं। प्रवेश से पहले संबंधित कॉलेज की वर्तमान मान्यता और नियामक संस्था द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों का सत्यापन जरूर करें।




