नई दिल्ली 16 अगस्त। पेयजल की गुणवत्ता को लेकर CAG की रिपोर्ट के बाद रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे दिन समीक्षा के बाद सुरक्षित पेयजल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
रेलवे नेटवर्क में करीब 20 हजार स्थानों, जिनमें वाटर कूलर समेत अन्य पेयजल केंद्र शामिल हैं, पर नया ‘टैंक टू टैप’ वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही व्यापक जल फिल्ट्रेशन और निगरानी व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
रेलवे ने पुराने और अनुपयुक्त पानी के टैंकों को बदलने के निर्देश भी दिए हैं। पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्रोत और आउटलेट प्वाइंट पर नियमित जांच, केंद्रीकृत निगरानी एवं जवाबदेही की व्यवस्था लागू होगी। इसके अलावा पानी के भंडारण टैंकों की निर्धारित समय पर सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड स्तर से इस पूरी व्यवस्था की सीधे निगरानी की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्रवाई की प्रगति और पेयजल गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट समय-समय पर सार्वजनिक की जाएगी।रेलवे के अनुसार, यह कार्रवाई CAG की रिपोर्ट में उठाए गए सभी बिंदुओं के समाधान और यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।







