देहरादून, 16 अगस्त 2026। साढ़े चार साल के कार्यकाल में करीब 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। सरकार की ओर से पहले से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और देवभूमि उद्यमिता योजना संचालित की जा रही हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई सात महत्वपूर्ण घोषणाओं में चार घोषणाएं सीधे तौर पर युवाओं के कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जुड़ी हैं। इनमें पर्वतीय जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क की स्थापना से लेकर युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना और युवा आयोग की स्थापना शामिल है।
चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क
सरकार चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। इन पार्कों के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों के स्थानीय संसाधनों और युवाओं की क्षमता के अनुरूप रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर विकसित किए जाएंगे।
युवाओं को मिलेगा उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण
18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके तहत युवाओं को आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में सरकार द्वारा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रशिक्षण के साथ वित्तीय सहयोग भी मिल सकेगा।
पहली बार बनेगा युवा आयोग
युवाओं से जुड़े विषयों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में पहली बार ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी। आयोग शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता समेत युवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव देने और नीतिगत पहल के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगा।
सीमांत युवाओं और अग्निवीरों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन देने की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ पलायन की चुनौती को कम करना है।
अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के अनुभव एवं कौशल को उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। सरकारी सेवाओं में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के माध्यम से हजारों युवाओं को अवसर देने के बाद अब कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। युवा शक्ति विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार उन्हें हर संभव अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।









