
देहरादून, 17 अगस्त। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) आईएसबीटी और मॉल परिसर की व्यवस्थाओं को आधुनिक और व्यवस्थित करने की दिशा में तेजी से काम करेगा। सोमवार को एमडीडीए में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में रेनोवेशन, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर सहमति बनी।
बैठक में आईएसबीटी परिसर की दुकानों, कार्यालयों, रेस्टोरेंट और कियोस्क के किराये का पुनर्निर्धारण करने तथा लंबे समय से लंबित अनुबंधों के नवीनीकरण का निर्णय लिया गया। नए कियोस्क लगभग तैयार हैं, ऐसे में पुराने लाइसेंसधारियों को इनमें स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नए अनुबंधों में कड़े नियम शामिल किए जाएंगे, ताकि कियोस्क को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने या व्यवसाय की प्रकृति बदलने जैसी स्थिति पर रोक लगाई जा सके।
भूतल पर बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं
आईएसबीटी के भूतल का बेहतर उपयोग करने के लिए यूटीसी ऑफिस, यूनियन ऑफिस और हिमाचल रेस्ट रूम को प्रथम तल पर शिफ्ट करने पर सहमति बनी। खाली होने वाले स्थान का इस्तेमाल यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए किया जाएगा। वहीं प्रशासनिक कार्यालय को रेस्टोरेंट नंबर-2 में शिफ्ट करने तथा वर्तमान कार्यालय को सर्वर रूम और रिकॉर्ड रूम के रूप में उपयोग करने की योजना है।
आधुनिक होंगे शौचालय, बदलेगा प्लेटफार्म का फर्श
आईएसबीटी के शौचालयों का उच्च गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप पुनर्निर्माण किया जाएगा। ए-ब्लॉक का शौचालय अंतिम चरण में है। दुरुपयोग, तोड़फोड़ और चोरी रोकने के लिए न्यूनतम उपयोग शुल्क तय करने पर भी सहमति बनी।
प्लेटफार्म का फर्श चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। निर्माण के दौरान आवश्यकतानुसार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाली कराया जाएगा और बंद अवधि के किराये को नियमानुसार समायोजित या कम किया जाएगा।
ओला-ऊबर के लिए बनेगा बूथ
यात्रियों की सुविधा और कैब संचालन को व्यवस्थित करने के लिए आईएसबीटी परिसर में ओला-ऊबर सहित ऑनलाइन कैब सेवाओं के लिए निर्धारित बूथ विकसित किया जाएगा। इससे यात्रियों को कैब तलाशने में सुविधा होगी और परिसर में भीड़ व जाम की स्थिति नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
बढ़ेगी पुलिस गश्त, बदली जाएंगी लाइटें
आईएसबीटी में शराबियों, जुआरियों और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। पुरानी स्ट्रीट लाइट, लाइट पोल और पावर केबल को भी चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। एसटीपी की निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक पावर केबल और एचडीपीई पाइप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
रेनोवेशन से निकलने वाली लोहा, टिनशेड और अन्य निष्प्रयोज्य सामग्री का भी चरणबद्ध निस्तारण किया जाएगा, ताकि यात्रियों के आवागमन में परेशानी न हो।
मॉल परिसर का भी होगा सौंदर्यीकरण
बैठक में मॉल परिसर के हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग कार्यों की भी समीक्षा की गई। एनएचएआई कार्यालय हटने और नाले का निर्माण पूरा होने के बाद खाली हुए स्थान पर तारबाड़ और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे अवैध कब्जे, अनधिकृत पार्किंग और गंदगी की समस्या पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
मॉल के चिलर सिस्टम, कंडेनसर और इवापोरेटर मोटर पैनल की मरम्मत के साथ आठ ड्रिंकिंग वाटर पैनलों को दुरुस्त किया जाएगा। खराब पैनल बदले जाएंगे और मोटरों की ओवरहॉलिंग होगी। पंप रूम में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए डी-वाटरिंग पंप लगाया जाएगा।
इसके अलावा 11 केवी वैक्यूम सर्किट ब्रेकर रूम और रिंग मेन यूनिट रूम में जलभराव रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
समयबद्ध पूरे होंगे सभी कार्य
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी और मॉल प्राधिकरण की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। यात्रियों, आमजन और व्यवसायियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेनोवेशन, शौचालय, प्लेटफार्म, प्रकाश, सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि स्वीकृत सभी कार्यों की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा। बैठक में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।








