
देहरादून, 7 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में स्थापित किए जा रहे अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल के माध्यम से प्रदेश के अग्निवीरों को सेना की सेवा पूरी करने के बाद रोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि यह देश का अपनी तरह का पहला विशेष सेल है, जो अग्निवीरों और रोजगार देने वाली संस्थाओं के बीच समन्वय का काम करेगा।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कर्नल कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने 17 जुलाई को राज्य में अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल स्थापित करने की घोषणा की थी। यह सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन काम करेगा। इसमें सेना के सेवानिवृत्त कर्नल, राज्य सरकार के अनुभवी अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम शामिल होगी।
उन्होंने बताया कि सेल केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और कॉरपोरेट समूहों के साथ समन्वय स्थापित कर अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर तलाशेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में तीन प्रमुख पक्ष होंगे—चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीर, रोजगार उपलब्ध कराने वाली संस्थाएं और इनके बीच समन्वय करने वाला पुनर्रोजगार सेल।
दिसंबर से शुरू होगा अग्निवीरों का पहला बैच
कर्नल कोठियाल के अनुसार सेना का पहला अग्निवीर बैच 31 दिसंबर को सेवा से बाहर होगा। इसके बाद दूसरा बैच 31 जनवरी को आएगा। दोनों शुरुआती बैचों में उत्तराखंड के करीब 1200 अग्निवीरों के आने का अनुमान है। इससे पहले नौसेना के अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर को पास आउट होगा, जिन्हें भी सेल के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि अग्निवीरों में कुछ युवा आगे की पढ़ाई करना चाहेंगे, जबकि कुछ स्वरोजगार का विकल्प चुन सकते हैं। सेल ऐसे युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार मार्गदर्शन एवं अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
कर्नल कोठियाल ने बताया कि अग्निवीरों की सैन्य सेवा के दौरान हासिल की गई दक्षताओं को प्रमाणित करने और आवश्यक अतिरिक्त कौशल प्रशिक्षण देने पर भी काम किया जा रहा है। रोजगार देने वाली संस्थाओं में केंद्रीय सशस्त्र बलों, असम राइफल्स, केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों को शामिल किया जाएगा।
कांग्रेस के आरोपों को बताया तथ्यहीन
अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों पर कर्नल कोठियाल ने कहा कि ये आरोप निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक हैं। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना को व्यापक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है। उनके अनुसार योजना के तहत चार वर्ष की सेवा के बाद प्रशिक्षित, कुशल और अनुशासित युवाओं को समाज में आने के बाद उचित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में पुनर्रोजगार सेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित से जुड़े इस विषय को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए। इस दौरान प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी और प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी मौजूद रहे।








