
देहरादून, 7 अगस्त। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने युवाओं की रुचि और स्थानीय रोजगार की आवश्यकताओं के अनुसार गुणवत्तापरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।
सचिवालय में कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास से जुड़े सभी विभाग एक प्लेटफॉर्म पर काम करें, ताकि युवाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने उत्तराखंड को स्किल हब बनाने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को शामिल करते हुए डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन सी. रविशंकर ने बताया कि समग्र कौशल विकास के लिए स्कूल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के सहयोग से उद्योगों के मानकों के अनुरूप आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 119 आईटीआई क्रियाशील हैं, जिनमें से 90 आईटीआई को पोर्टल पर मैप किया जा चुका है।उन्होंने बताया कि आईटीआई में शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग कोर्स के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ पहल शुरू की गई है। वहीं, विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, भाषा ज्ञान और अन्य आवश्यक दक्षताएं उपलब्ध कराने के लिए स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के माध्यम से तीन एजेंसियों से बातचीत की जा रही है।सचिव ने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर निजी नियोक्ताओं का पंजीकरण भी किया जा रहा है। अब तक 162 निजी नियोक्ताओं को पोर्टल से जोड़ा जा चुका है। बैठक में सेवायोजन विभाग के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।








