
देहरादून, 12 जुलाई। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं के बीच निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने रविवार को भी प्रदेशभर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। प्रबंध निदेशक के निर्देश पर निदेशक (वितरण एवं परियोजना), मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं ने विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।
प्रबंध निदेशक पी सी ध्यानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कहीं भी झूलते बिजली के तार न रहें, लीकेज करंट की नियमित जांच की जाए तथा किसी भी विद्युत दुर्घटना को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्वयं पिथौरागढ़ में बिजलीघरों का निरीक्षण किया और सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यालय पर उपलब्ध रहने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान उपकेंद्रों की कार्यप्रणाली, आपदा के समय त्वरित बिजली बहाली की योजना, आवश्यक उपकरणों एवं स्पेयर सामग्री की उपलब्धता, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा का परीक्षण किया गया। साथ ही फील्ड कर्मियों को 24 घंटे सतर्क रहकर आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए।
यूपीसीएल ने मानसून के दौरान बिजली लाइनों की पेट्रोलिंग, पेड़ों की छंटाई, जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा और आपातकालीन मरम्मत दलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। निगम ने कहा कि किसी भी प्रकार की विद्युत बाधा की स्थिति में उपभोक्ताओं को न्यूनतम समय में बिजली आपूर्ति बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
निदेशक (वितरण एवं परियोजना) ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मानसून में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निगम की सभी टीमें 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य कर रही हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जा सके।
यूपीसीएल ने प्रदेश के उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि मानसून के दौरान सभी नियंत्रण कक्ष, फील्ड इकाइयां और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं तथा सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।






