
देहरादून, 17 जून। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ द्वारा सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में 15 जून से आयुष निदेशालय परिसर में चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना एवं पूर्ण कार्य बहिष्कार आंदोलन बुधवार को सफल त्रिपक्षीय वार्ता के बाद समाप्त हो गया। प्रदेशभर से आए आयुष चिकित्सकों और कर्मचारियों की एकजुटता के बीच आंदोलन का समापन किया गया।
आंदोलन के तीसरे दिन विधानसभा स्थित कार्यालय में आयुष मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित हुई। बैठक में शासन एवं विभाग की ओर से सचिव आयुष रंजना राजगुरु, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, डिप्टी सचिव हनुमान तिवारी, सेक्शन ऑफिसर शैलजा सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संघ की ओर से प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली, महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत, डॉ. हर्षवर्धन सिंह धामी, डॉ. हरिमोहन त्रिपाठी तथा डॉ. रामकिशोर भट्ट ने भाग लिया।
वार्ता के दौरान संघ ने संवर्ग निदेशक की नियुक्ति, एसीपी लाभ, लंबित डीएसीपी, सेवा संबंधी विसंगतियों के निराकरण समेत अपनी सभी सात सूत्रीय मांगों को विस्तार से रखा। आयुष मंत्री ने प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई किए जाने पर सहमति बनी।मंत्री मदन कौशिक ने संघ को आश्वस्त किया कि सभी मांगों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।मंत्री के सकारात्मक आश्वासन और समयबद्ध कार्रवाई के भरोसे के बाद प्रांतीय संघ ने आंदोलन स्थगित करने और धरने को समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद धरना स्थल पर चिकित्सकों और कर्मचारियों के बीच मिष्ठान वितरण कर आंदोलन की औपचारिक समाप्ति की गई।धरना स्थल पर तीसरे दिन प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 500 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, मिनिस्टीरियल कर्मचारी तथा सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उपस्थित चिकित्सकों ने आंदोलन की सफलता और सकारात्मक समाधान के लिए आयुष मंत्री का आभार व्यक्त किया।
प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली और महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने आंदोलन में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों, कर्मचारी संगठनों और सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि संघ शासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखेगा। उन्होंने कहा कि संगठन चिकित्सकों और विभागीय हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।धरने के समापन के बाद सभी चिकित्साधिकारी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की तैयारियों तथा जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए अपने-अपने चिकित्सालयों को रवाना हो गए। संघ ने विश्वास जताया कि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करते हुए सभी लंबित मांगों का समाधान किया जाएगा।








