उत्तराखण्ड में 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित, डिजिटाइजेशन में अल्मोड़ा अव्वल

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देहरादून 17 जून। उत्तराखण्ड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत प्रदेश में 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं 23 प्रतिशत गणना फार्मों का डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जनपदों में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत तथा टिहरी में 97 प्रतिशत फार्मों का वितरण किया गया है।
डॉ. जोगदण्डे ने बताया कि गणना फार्मों के डिजिटाइजेशन में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ 23 प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। जबकि नैनीताल में 4 प्रतिशत, देहरादून में 7 प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में लगभग 8 प्रतिशत फार्म ही डिजिटाइज किए जा सके हैं। सभी जिलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियान पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 22,900 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संबंध में 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 7 जुलाई तक गणना फार्मों का वितरण और संकलन कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा तथा 14 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी, जबकि 14 जुलाई से 11 सितंबर तक उनके निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतदाता स्वयं भी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके अलावा “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के जरिए मतदाता अपने बूथ स्तर अधिकारी से संपर्क के लिए कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के दो दिन के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता से संपर्क करेगा।
डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध कराई गई है। मतदाता विधानसभा क्षेत्र, अपने नाम, पिता अथवा पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक और बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा गली, मोहल्ले और क्षेत्र के नाम से भी मतदाता सूची में खोज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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