
देहरादून, 28 मई। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान निर्माण से प्रभावित स्थानीय लोगों के हक-हकूक और पूर्व में किए गए वायदों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
गुरुवार को अपने शासकीय आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री डॉ. रावत ने तकनीकी शिक्षा विभाग, एनआईटी श्रीनगर और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से संस्थान को बिजली, पानी और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं, जबकि शेष कार्य संस्थान को स्वयं पूरे करने हैं।
बैठक में मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य अनुबंधों के अनुरूप नहीं दिख रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि देने वाले परिवारों एवं आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
डॉ. रावत ने एनआईटी प्रशासन को राजकीय पॉलिटेक्निक श्रीनगर के अधिगृहित भवनों को चरणबद्ध तरीके से तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस सौंपने के निर्देश भी दिए। साथ ही एनआईटी परिसर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
स्थानांतरण प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश
तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के वार्षिक स्थानांतरण समय पर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर विभाग में सम्बद्ध और प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभागों में तैनात कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल पदों पर वापस भेजने को कहा।
बैठक में अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, एनआईटी श्रीनगर के डीन प्रो. विवेक श्रीवास्तव, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, कुलसचिव एच.एम. आजाद, सचिव यूबीटीआर डॉ. मुकेश माण्डेय, संयुक्त निदेशक आलोक मिश्र, उप निदेशक एस.के. वर्मा सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।







