
देहरादून 27 मई। जनपद देहरादून के डोईवाला क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक अनुसूचित जाति परिवार ने भूमाफियाओं पर पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने मामले में न्याय न मिलने पर 10 जून 2026 से जिलाधिकारी कार्यालय पर परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
पीड़ित के अनुसार, उसकी पत्नी की पैतृक संपत्ति, जो लगभग 20 बीघा थी, उसे कथित भूमाफियाओं द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अवैध रूप से बेच दिया गया। वर्तमान में बची करीब ढाई बीघा भूमि पर भी कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि इस कार्य में क्षेत्र के कुछ दबंग लोग शामिल हैं, जो लगातार परिवार को धमका रहे हैं।पीड़ित ने बताया कि मामले में पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। वर्ष 2023 में संबंधित धाराओं—420, 467, 468, 471, 504, 506 और 323 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित का कहना है कि 10 जनवरी 2025 को लैण्ड फॉर समिति ने उसके पक्ष में निर्णय देते हुए जिलाधिकारी को राजस्व अभिलेख दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 10 मार्च 2025 को न्यायिक सदर देहरादून तथा 10 फरवरी 2026 को रेवेन्यू बोर्ड से भी आदेश उसके पक्ष में जारी हुए।
इसके अलावा उपजिलाधिकारी द्वारा 6 मार्च 2026 को तहसीलदार और थाना डोईवाला को अवैध कब्जा रोकने के निर्देश दिए गए थे, और 21 मई 2026 को तहसीलदार ने भी इन आदेशों के अनुपालन के निर्देश जारी किए। बावजूद इसके, पीड़ित का आरोप है कि भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं और जमीन पर कब्जा जारी है।
पीड़ित ने बताया कि उसके परिवार को कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिससे उनका जीवन भय के साए में गुजर रहा है। तीन बच्चों के साथ परिवार लगातार असुरक्षित महसूस कर रहा है।
अंत में पीड़ित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि यदि 10 जून 2026 तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू करेंगे।







