



देहरादून 14 अप्रैल ।नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और डाट काली मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैशाखी और बीहू की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जल्द ही चार धाम शुरू होने वाली है और नया कॉरिडोर तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य अपने गठन के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अब विकास की नई गति पकड़ रहा है। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियों और जनता के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बीआर अम्बेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले संविधान की भावना को मजबूत कर रहे हैं। साथ ही उत्तराखंड द्वारा समान नागरिक संहिता लागू करने को देश के लिए मार्गदर्शक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सड़क, रेल, रोपवे और जलमार्ग देश के विकास की “भाग्य रेखाएं” बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कई गुना बढ़ा है और अकेले उत्तराखंड में ही बड़े पैमाने पर परियोजनाएं चल रही हैं।
चारधाम महामार्ग, रेल परियोजनाएं और केदारनाथ-हेमकुंड रोपवे को राज्य की विकास रेखा बताते हुए उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव सड़क पहुंच रही है और पलायन की समस्या कम हो रहीप्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत अभूतपूर्व गति और व्यापकता (स्पीड और स्केल) के साथ काम कर रहा है। दिल्ली मेट्रो विस्तार, मेरठ कनेक्टिविटी, नोएडा एयरपोर्ट और अब यह कॉरिडोर—ये सब देश की तेजी से बदलती तस्वीर को दर्शाते हैं।उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर से यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और किसानों को अपने उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। पर्यटन को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार की विंटर टूरिज्म और “वेड इन उत्तराखंड” जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब सालभर पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति” की त्रिवेणी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किमी लंबा एलिवेटेड मार्ग बनाया गया है।
साथ ही लोगों से अपील की कि देवभूमि को स्वच्छ रखें और प्लास्टिक प्रदूषण से बचें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष कुम्भ मेला का भव्य आयोजन होगा और नंदा देबराज जात्रा भी राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
महिला आरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत 2029 तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।प्रधानमंत्री ने जसवंत सिंह रावत Jaswant के शौर्य को याद करते हुए उत्तराखंड की सैन्य परंपरा को सलाम किया और वन रैंक-वन पेंशन योजना का जिक्र करते हुए पूर्व सैनिकों के सम्मान की बात कही।अंत में उन्होंने कहा कि सरकार “देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति” को साथ लेकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जुटी है।








