श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकार्पण

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देहरादून 10 अप्रैल ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित “श्रमिक सेवा मोबाइल एप” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 8005 श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 17 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि भी हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुदान वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑफलाइन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाइन निस्तारण और डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत अब तक 11828 लाभार्थियों को 29.89 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जबकि शुक्रवार को 8005 लाभार्थियों को 17.25 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। इस प्रकार पिछले छह महीनों में कुल 19833 लाभार्थियों को 47.14 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों और उनके आश्रितों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों को प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, मिस्त्री और कारपेंटर जैसे कार्यों का कौशल प्रशिक्षण दिया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि योग और वेलनेस के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए श्रमिकों के बच्चों को आगामी सत्र से योग एवं वेलनेस का निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने बोर्ड को निर्देशित किया कि कौशल प्रशिक्षण के बाद श्रमिकों को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए और इसके लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जोड़ने और उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों पर ही स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि उनके कामकाज में कोई बाधा न आए।इस अवसर पर श्रमायुक्त पी.सी. दुम्का ने बताया कि यूकेएलसीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से अब तक 16 हजार अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे लगभग 80 लाख रुपये का शुल्क जमा हुआ है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के पास अब तक सेस के रूप में 324 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध है, जिसका उपयोग श्रमिकों के कल्याण के लिए किया जा रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण श्रमिकों को सामग्री वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसमें लाभार्थियों की लाइव फोटो और जियो-ट्रैकिंग के माध्यम से सामग्री वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।कार्यक्रम में उपायुक्त विपिन कुमार सहित बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें