देहरादून 30 दिसंबर।
केंद्र सरकार ने जारी की ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि, खनन सुधारों पर केंद्र की मुहर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून 30 दिसंबर।उत्तराखण्ड सरकार ने खनन सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन और निरंतर सुधारों के चलते केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। यह राशि राज्य में खनन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए दी गई है।
धामी सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में व्यापक और प्रभावी सुधार किए गए हैं। इनमें ई-नीलामी प्रणाली, सेटेलाइट आधारित निगरानी, सख्त अनुपालन व्यवस्था, अवैध खनन पर रोक तथा आधुनिक माइनिंग सर्विलांस सिस्टम का सुदृढ़ीकरण प्रमुख हैं। इसके साथ ही खनन लॉट आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है।
इन सुधारों का सकारात्मक परिणाम यह रहा है कि खनन क्षेत्र आज राज्य सरकार की आय का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। खनन से होने वाला राजस्व जहां पहले लगभग ₹300 करोड़ था, वहीं अब बढ़कर ₹1200 करोड़ तक पहुंच गया है, जो एक रिकॉर्ड उपलब्धि मानी जा रही है।
खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के तहत उत्तराखण्ड को ₹200 करोड़ की विशेष सहायता (ऋण) स्वीकृत की है। यह राशि माइनर मिनरल्स सुधारों और स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—
“खनन सुधारों के लिए उत्तराखण्ड को विशेष प्रोत्साहन राशि दिए जाने पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। यह सहयोग राज्य के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और सतत विकास को नई गति देगा। राज्य सरकार इस राशि का उपयोग खनन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पर्यावरण-संवेदनशील और रोजगारोन्मुखी बनाने में करेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।”
खनन क्षेत्र में उत्तराखण्ड की यह उपलब्धि राज्य के आर्थिक सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।




