आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सेवानिवृत्ति पर मिलेंगे एक लाख रुपये, जनवरी में जारी होगी एकल महिला स्वरोजगार योजना की धनराशि

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देहरादून, 15 दिसंबर। प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष से सेवानिवृत्ति पर उन्हें न्यूनतम एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सोमवार को सचिवालय स्थित एचआरडीसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने इस संबंध में निर्देश जारी किए।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रिटायरमेंट पर 35 से 40 हजार रुपये मिलते हैं। इस राशि को बढ़ाने के लिए विभाग लंबे समय से प्रयासरत था। योजना के तहत कार्यकत्रियों को 300 रुपये प्रतिमाह का योगदान देना होगा, जिस पर संगठनों की सहमति मिलने के बाद निर्णय लिया गया है। यह लाभ 1 अप्रैल 2026 से सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकत्रियों को मिलेगा।

बैठक में एकल महिला स्वरोजगार योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि छह जनपदों के 504 प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा चुकी है और स्वीकृत आवेदकों को जनवरी के पहले सप्ताह में धनराशि जारी की जाएगी। अन्य जनपदों के आवेदनों पर प्रक्रिया जारी है।

नंदा गौरा योजना के तहत इस वर्ष अब तक 45 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 दिसंबर है, जबकि पात्र लाभार्थियों को 15 जनवरी के आसपास धनराशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन को लेकर भी निर्णय लिया गया है। मंत्री ने बताया कि इस श्रेणी के तहत रिक्त 88 पदों पर प्रमोशन के लिए एक सप्ताह के भीतर विज्ञप्ति जारी की जाएगी।

बैठक में प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक संबल देने के लिए एक नई योजना अगले वर्ष शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। इसके लिए फिलहाल 8 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध है।

बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार यादव, महिला सशक्तिकरण निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, नीतू फुलेरा आदि उपस्थित रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें