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देहरादून 24 अप्रैल। श्री सत्य साईं बाबा के निर्वाण दिवस को ‘आराधना दिवस’ के रूप में देहरादून सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम देहरादून स्थित श्री साईं ज्योति केंद्र, 58 डी.एल. रोड में भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पदाधिकारियों और भक्तों ने सहभागिता की।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 5:20 बजे सुप्रभातम और ओंकार के पवित्र जाप के साथ हुआ। इसके बाद नगर संकीर्तन निकाला गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रातः 9 बजे मुख्य कार्यक्रम विधिवत रूप से शुरू हुआ, जिसमें हवन और लक्ष्यर्चना के माध्यम से विश्व शांति, मानव कल्याण और सद्भावना की कामना की गई। ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया तथा वैल्यू सॉन्ग के माध्यम से सत्य, धर्म, शांति, प्रेम और अहिंसा जैसे मानवीय मूल्यों का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर जनपद की विभिन्न इकाइयों के कन्वीनरों ने अपने-अपने यूनिट में संचालित आध्यात्मिक और सेवा कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। जिला अध्यक्ष ने वर्तमान गतिविधियों, सेवा प्रकल्पों और भविष्य की कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर सेवा कार्यों में सक्रिय रहने का आह्वान किया।कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं और वरिष्ठ भक्तों ने ‘आराधना दिवस’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मविकास और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल ए. के. बक्शी और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा रहे। स्टेट प्रेसिडेंट कर्नल योगेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया।लेफ्टिनेंट जनरल ए. के. बक्शी ने अपने संबोधन में श्री सत्य साईं बाबा के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि बाबा की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दे रही हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि बाबा की कृपा से ही उन्हें उत्तराखंड की जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में मंगल आरती संपन्न हुई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लिया। परंपरा के अनुसार ‘आराधना दिवस’ पर नारायण सेवा का आयोजन भी किया गया, जिसके अंतर्गत कुष्ठ रोगी आश्रम, मलिन बस्ती और लोहार बस्ती में जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया गया ।







